एक शहर देखा है मैंने – "दिल्ली"

सभी को बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि कुछ दिनों पहले एक 12 मिनट की फिल्म "दिल्ली" में संगीत देने का अवसर प्राप्त हुआ. आप में से कईयों को यह तो पता होगा कि मैं गाने का बहुत शौक़ीन हूँ (आपने मेरे गाने यहाँ सुने होंगे) और गाने के साथ-साथ मैं हारमोनियम/कीबोर्ड भी … Continue reading एक शहर देखा है मैंने – "दिल्ली"

ब्लॉगिंग के ५ साल

१६ अप्रैल २००८ को मैंने ज़िन्दगी में पहली बार ब्लॉग किया. आज उस लेख को ५ साल से ऊपर हो गए हैं. और ख़ुशी की बात यह है कि यह किसी पंचवर्षीय योजना के तहत ब्लॉगिंग की प्रथा नहीं रही है और फिर भी सफल रही है. हमारी सरकारों की तरह नहीं जो पंचवर्षीय योजनाएं … Continue reading ब्लॉगिंग के ५ साल

तेरे-मेरे बीच

हिन्दी दिवस फिर से आया है आज.. मैंने सोचा कि इस हिन्दी दिवस पे कुछ नया किया जाए.. जो पहले कभी नहीं किया हो... अपने पोस्ट "तीन साल ब्लॉगिंग के" में मैंने लिखा था कि श्रृंगार रस को छोड़कर हर रस का आनंद लिया है मैंने अपनी लेखनी में.. तो इस बार हिन्दी दिवस पर … Continue reading तेरे-मेरे बीच

कन्नू की “गाय” ते माँ का “Cow”

काफी महीनों बाद लिख रहा हूँ..कारण २ हैं.. पहला अनुपलब्धि अंतरजाल की और दूसरा अनुपलब्धि अच्छे विषय की...पर आज दोनों ही बाधाएं दूर हो गयी हैं और इसलिए लिख रहा हूँ..यूँ तो मैं लघु कथाएं लिखने लगा था पर आज एक लघु कथा ऐसी लिखूंगा जो कि मनगढंत नहीं है अपितु मेरे ही सामने घटा … Continue reading कन्नू की “गाय” ते माँ का “Cow”