आज मेरा दिन है

मैं बस चला जा रहा था... बस चला जा रहा था और सोच रहा था कि एक साल और चला गया... हाँ पूरा एक साल...रात के १२ पार हो चुके थे और मैं ऑल नाईट कैंटीन से वापस आ रहा था... अकेला... आज पता नहीं क्यों लगा की लंबे रास्ते से जाना चाहिए... मैं ख़ुद … Continue reading आज मेरा दिन है

गोवा से घर

तो अब आगे बढ़ते हैं | वहीँ से जहाँ से मैंने इस लड़ी को छोड़ा था |ट्रेन कुछ 3 घंटे की देरी से गोवा पहुँची और हम 4 लोग शाम को 6 बजे कैम्पस पहुँच गए |गोवा कैम्पस को तो बस चित्रों में ही देखा था |पहली झलक में काफ़ी सुंदर लगा और वहीँ पर … Continue reading गोवा से घर

कुछ ख़ास छायाचित्र

इससे सुंदर चित्र क्या हो सकता है?? वाह बनाने वाले....क्या सोचा है??इसकी क्या मिसाल दी जाए??प्रकृति...अति सुन्दरम..-1प्रकृति..अति सुन्दरम..-2प्रकृति..अति सुन्दरम..-3वाह अम्बानी, क्या सिखाया है अपनी बिटिया को....तो साहब क्या समझे इस फोटो से..... देखिये दोनों खिड़कियों में झाँक कर...हमारी मौजूदा स्थिति को कितनी खूबसरती से दर्शाया है यहाँ पे...आज तक का सबसे मजेदार APRIL FOOL...क्यों भाई... … Continue reading कुछ ख़ास छायाचित्र

अच्छा तो हम चलते हैं

उफ़ ये हवा की सरसराहट,हवा में धूल की मिलावट,नज़र बिल्कुल वैसी ही धुंधली,जैसे पेपरों में questions की आहट,बस चंद लम्हें बचे हैं और,खत्म होने को है ये Niteouts का दौर,हम सब इस जगह से दूर चले जायेंगे,कुछ घर, कुछ PS, कुछ jobs पर जायेंगे,चाहे कितना भी कोसें अभी इस जगह को,पर 10 दिन बाद वही … Continue reading अच्छा तो हम चलते हैं