यह कविता २६/११ के नाम.. केवल लिखने के लिए नहीं.. कुछ करने के लिए भी.. आप भी आज ही से सिर्फ अपने बारे में ही न सोचकर उन लोगों के बारे में भी सोचिये जिनके पास आपकी सोच तक भी पहुँचने के सही मार्ग नहीं है... साक्षरता देश और दुनिया दोनों का उद्धार कर सकता … Continue reading जिस दिन वीरों का जलसा निकला है
धर्म से कमाई या कमाई का धर्म?
बात चल रही थी कि फलाने मंदिर में लोग ६-७ घंटे भगवान के दर्शन [दर्शन क्या.. एक झलक ही समझ लीजिये] के लिए पंक्तियों में खड़े रहते हैं.. फिर ऊपर से खूब चढ़ावा भी होता है..सुना था मंदिर वो जगह है जहाँ पूरे दिन का थका हुआ आदमी जाता है तो थकान मिट जाती है.. … Continue reading धर्म से कमाई या कमाई का धर्म?
50-50
पिछले पोस्ट में नीरज त्रिखा ने जो कहा उससे तो बिलकुल सहमत हूँ और हाँ बात सिर्फ कह देने से समाप्त नहीं हो जाती, वरन उस पर अमल होना चाहिए, तभी कही हुई बात लाजवाब हो जाती है अन्यथा बेबात!अब बारी इस पोस्ट की..कुछ दिनों पहले मैं अपने कुछ दोस्तों के साथ बैठे बात कर … Continue reading 50-50
हिन्दी – ठंडा.. पर अंग्रेजी – कूल !!
हिन्दी और अंग्रेज़ी की जंग पर एक आलेख, और कुछ सुझाव..
बेवकूफ लड़कियां..नींद की कड़कियां
लग रहा है कि बहुत सालों बाद इस ब्लॉग पर कुछ डाल रहा हूँ.वैसे मेरा ही लफ्जों का खेल वाला ब्लॉग तो हमेशा ही अद्यतन होता रहता है..और कल ही यहाँ पर भी कुछ डाला है..पर मेरा खुद का ब्लॉग ही सूना पड़ा है..तो आज इसका रुदन दिल तक पहुंचा और मैं आ गया फिर … Continue reading बेवकूफ लड़कियां..नींद की कड़कियां
जय हिन्दी हो !!
प्रेमचंद की रंगभूमि से होते हुए हिन्दी पर कुछ ख़यालात...
YSR – जीवित या मृत ?
श्रद्धांजलि और नमन पोस्ट का शीर्षक पढ़कर चौंकिए मत..मैं कोई जासूसी भरी पोस्ट नहीं कर रहा हूँ.. क्योंकि जासूसी आती नहीं और कोशिश की थी तो मुंह की खानी पड़ी थी (पूछियेगा मत किस तरह की जासूसी) पिछले हफ्ते बहुत हल्ला हुआ.. हर जगह, हर टीवी चैनल, हर अख़बार बस एक ही बात उगल रहे … Continue reading YSR – जीवित या मृत ?
हिंगलिश को भूल जाइए
आज एक तकनीकी पोस्ट कर रहा हूँ..वैसे तो बहुत दिन हुए ढंग से ब्लॉगिंग किये हुए पर देर आये दुरुस्त आये..दिमाग में बहुत हलचल मची हुई है और मन कुड़-बुड़ कुड़-बुड़ कर रहा है... तो जनाब अपना धैर्य ठीक उसी तरह बनाए रखिये जैसे हमने राखी का स्वयंवर देखते हुए रखा था..दरअसल यह पोस्ट उन … Continue reading हिंगलिश को भूल जाइए
स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं
दिल में जोश भरे बढ़ रहे हैंहम मतवाले लक्ष्य की ओर..देखो ज़रा संभल के चलनाकोई काटे न यह एकता की डोर..अपने साथ-साथ इस देश को भीसुन्दर और भव्य बनाना है..हर बुराई को दूसरों से पहलेखुद में से मिटाना है..जब ज़हन में हर वक़्त रहेगीस्वच्छता की बात..तो स्वतः ही झलकेगीदेश भक्ति की सौगात..आज प्रण लो, इस … Continue reading स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं
जन्माष्टमी की शुभकामनाएं
जब जनम हुआ इस नटखट का |तब जहां पूरा खिलखिलाया ||इसके चंचल बचपन में |पूरा गोकुल भरमाया ||मीरा राधा खो गयी |ऐसी प्रीत लगाई ||हर बुराई का नाश किया |दुनिया को सीख सिखाई ||तुम चंचल, प्यारे, निडर बनो |बस यही गीता का सार ||मुबारक हो आपको जन्माष्टमी का त्यौहार ||मुबारक हो आपको जन्माष्टमी का त्यौहार … Continue reading जन्माष्टमी की शुभकामनाएं