तो जनाब सब कैसे हैं ?पता नहीं अब यह ब्लॉग कोई पढ़ेगा भी या नहीं..बिलकुल ठप्प पड़ा है.. जैसे कोई सरकारी कार्यालय हो..करें भी क्या ? परीक्षाओं के बाद घर पहुँच गए और फिर वहां इतना आराम फरमाया है साहब जैसे की खरगोश आधे साल काम कर के सोने चला गया हो.. खैर घर पर … Continue reading A Stupid Common Man
प्यार, यार, वार !!
पिछले एक पोस्ट में मैंने बिट्स में भारतीय संस्कृति को बचाए रखने पर यहाँ के छात्रों की तल्लीनता पर प्रकाश डाला था पर आज अफ़सोस कि एक अँधेरा सा छा रहा है उस पोस्ट पर, इस संस्कृति पर और हमारी काबिलियत पर। आज हमारे फाईनल एक्ज़ाम ख़त्म हुए हैं और तभी फुर्सत में ये पोस्ट … Continue reading प्यार, यार, वार !!
बेईमान तूफ़ान
बिखरते पत्तों का चेहरे पर लगना,ठंडी हवा का ज़ुल्फों को चूमना,खुशबू मिट्टी की तन में उतरनाऔर हमारा सड़कों पर बेफिक्री से भीगना....आज मौसम बड़ा बेईमान है, आया यहाँ कोई तूफ़ान है...ढलता सूरज नहीं,यह तो बादल का आंचल है,यह सन्नाटा सुनसान नहीं,बस आंधी की आहट है,आज मौसम बड़ा बेईमान है,आया यहाँ कोई तूफ़ान है...
ओ माझी रे – विडियो
यहाँ आज इन्टरनेट स्पीड इतनी अच्छी आ रही है की पहला विडियो अपलोड करने में कामयाब हुआ हूँ..यह मेरे द्वारा गाया गया गाना है जो कि द बॉंग कनेक्शन फ़िल्म से है और गाने का नाम : ओ माझी रे है | मूलतः शान ने इसे गाया है | आशा करता हूँ की यह आपको … Continue reading ओ माझी रे – विडियो
हाँ माँ तुम ही हो
यह छोटी सी कृति मेरी माँ के जन्मदिन पर लिख रहा हूँ...बस अपने भावों को कुछ शब्द देने की कोशिश कर रहा हूँ...बहुत मुश्किल है उस अन्दर छुपे अनंत भाव को शब्दों में बदलना...बस एक कोशिश है...सूरज की गर्मी और भव्यता हो तुमआसमान की नीलाई और विशालता हो तुमसागर की गहराई और अथाह हो तुमओंस … Continue reading हाँ माँ तुम ही हो
जंग का मैदान, मन है शैतान
हाँ मुझे पता है इस बार काफी देर हुई है कोई पोस्ट करने में | मैं आलसी नहीं हूँ पर क्या करुँ बीच में हमारा तकनीकी महोत्सव, अपोजी आ गया और सबसे बड़ी दिक्कत यह रही कि कोई विषय ही नहीं मिल रहा था | पर आज अंततः मेरी और मेरे प्रिय दोस्तों की एक … Continue reading जंग का मैदान, मन है शैतान
आज मेरा दिन है
मैं बस चला जा रहा था... बस चला जा रहा था और सोच रहा था कि एक साल और चला गया... हाँ पूरा एक साल...रात के १२ पार हो चुके थे और मैं ऑल नाईट कैंटीन से वापस आ रहा था... अकेला... आज पता नहीं क्यों लगा कि लंबे रास्ते से जाना चाहिए... मैं ख़ुद … Continue reading आज मेरा दिन है
इमोसनल अत्याचार नहीं….प्यार…
शायद इस पोस्ट को कुछ दिन पहले ही आ जाना चाहिए था...अब इसका विषय ही कुछ ऐसा है... नहीं नहीं, मैं गलत हूँ... इस पोस्ट का विषय ऐसा है जो हर मौसम, हर परिस्थिति और हर जगह पर चर्चा का विषय है.. और चूँकि मैं अपने बड़े भाई की शादी में व्यस्त था, इसलिए वो … Continue reading इमोसनल अत्याचार नहीं….प्यार…
संस्कृति ? या सिर्फ़ मजाक ?
अभी अभी ऑडी हो कर आ रहा हूँ...बस यूँ ही चल पड़ा था... देखने कि कैसी तैयारियां चल रही हैं ... कल संस्थापक दिवस पर होने वाले वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम की...अब साहब यूँ समझ लीजिये की कुछ छुपे हुए कलाकार [कलाकार ?? जाने भी दो ...] अपने आपको किसी तरह उस बिल से निकालने की … Continue reading संस्कृति ? या सिर्फ़ मजाक ?
जय हो माल – जय हो !!!
आइये जनाब आज आप लोगों को बिट्स के महलों की बात बताएं :जिस तरह राजाओं का राजा होता है महाराजा उसी तरह बिट्स में भवनों का राजा है :पंडित मदन मोहन मालवीय भवन [ओह्ह आपको नहीं पता ये कौन सा भवन है ?? ये है माल भवन] |यहाँ पर हम प्यार से (सही में प्यार … Continue reading जय हो माल – जय हो !!!