A-Z एक विद्युत अभियंता की ज़बानी

एक विद्युत अभियंता....अरे साहब इसका मतलब Electrical Engineer है, का A-Z कुछ इस तरह बदल गया है..नींद में भी पूछेंगे तो सही जवाब मिलेगा...100 प्रतिशत..A - Apple to Amplifier (परिवर्धक)B - Bat/Ball to BJTsC - Cat to Current (विद्युत धारा)D - Dog to DANG !!!! (जी हाँ शायद आप लोगों को पता हो DANG के … Continue reading A-Z एक विद्युत अभियंता की ज़बानी

मैं MuE पॉज़िटिव हूँ

आज आपको दो ऐसे लोगों से मिलवाता हूँ जो 2 अलग-अलग बिमारियों से पीड़ित हैं :पहला इंसान(A) HIV+ है और दूसरा(B) MuE का मारा MuE+ है :उनके बीच एक वार्तालाप चल रही है :A : क्या तुम्हें पता है, HIV होने के कारण क्या-क्या है ?B : [थोड़ा हिचकिचाते हुए - भारतीय समाज की max … Continue reading मैं MuE पॉज़िटिव हूँ

बचाओ "कोई" तो बचाओ..

कल सुबह MuE का ट्यूट है और अभी सब कुछ लाइट लेने का मन कर रहा है और क्यों न करे...पढ़ के जाओ तो भी ZUC नहीं पढ़ के जाओ तो भी ZUC...आगे कुँआ पीछे खाई...हे भगवान् कोई बचाओ MuE के इंस्ट्रक्टर से ....मैं भी पागल हूँ...भगवान् से कह रहा हूँ और आगे "कोई" लगा … Continue reading बचाओ "कोई" तो बचाओ..

गोवा से घर

तो अब आगे बढ़ते हैं | वहीँ से जहाँ से मैंने इस लड़ी को छोड़ा था |ट्रेन कुछ 3 घंटे की देरी से गोवा पहुँची और हम 4 लोग शाम को 6 बजे कैम्पस पहुँच गए |गोवा कैम्पस को तो बस चित्रों में ही देखा था |पहली झलक में काफ़ी सुंदर लगा और वहीँ पर … Continue reading गोवा से घर

घर से गोवा

घर से 18 तारीख को कलकत्ता के लिए रवाना हुआ और 19 को अपने चचेरे भाई के साथ कलकत्ता घूमने गया..रात को 11:30 की ट्रेन पकड़नी थी..मुझे बस यही पता था की गूंजन और श्रेणिक ही मेरे साथ हैं...पर जब स्टेशन पहुँचा तो जय से भी मुलाक़ात हो गई और अब हम 3 से 4 … Continue reading घर से गोवा

कुछ ख़ास छायाचित्र

इससे सुंदर चित्र क्या हो सकता है?? वाह बनाने वाले....क्या सोचा है??इसकी क्या मिसाल दी जाए??प्रकृति...अति सुन्दरम..-1प्रकृति..अति सुन्दरम..-2प्रकृति..अति सुन्दरम..-3वाह अम्बानी, क्या सिखाया है अपनी बिटिया को....तो साहब क्या समझे इस फोटो से..... देखिये दोनों खिड़कियों में झाँक कर...हमारी मौजूदा स्थिति को कितनी खूबसरती से दर्शाया है यहाँ पे...आज तक का सबसे मजेदार APRIL FOOL...क्यों भाई... … Continue reading कुछ ख़ास छायाचित्र

अच्छा तो हम चलते हैं

उफ़ ये हवा की सरसराहट,हवा में धूल की मिलावट,नज़र बिल्कुल वैसी ही धुंधली,जैसे पेपरों में questions की आहट,बस चंद लम्हें बचे हैं और,खत्म होने को है ये Niteouts का दौर,हम सब इस जगह से दूर चले जायेंगे,कुछ घर, कुछ PS, कुछ jobs पर जायेंगे,चाहे कितना भी कोसें अभी इस जगह को,पर 10 दिन बाद वही … Continue reading अच्छा तो हम चलते हैं

वाह री बिट्स !!!

चिलचिलाती धूप ...उड़ती रेत...पानी की मार..यह नज़ारा था कुछ 1 घंटे पहले का..(11a.m. 26 अप्रैल)लेकिन इस रौद्र धूप को चुनौती देते हुए कुछ 20 आलसी प्राणी Med-C की और जाते दिखाई दिए..ऐसा प्रतीत हो रहा मानों इनमें से सब के सब बिल्कुल हीबेरोजगार बैठे हों...अलग बात यह है की sem end exams(Compre) अब मात्र 2 … Continue reading वाह री बिट्स !!!

कोई लौटा दे…

यह कविता मेरे उस बचपन की याद में लिखी गई है जिसे याद करके मैं आज भी कभी-कभी सिहर उठता हूँ | हाँ,मैं आज भी जब अकेले कभी बैठा होता हूँ तो मुझे वो मासूम चेहरा याद आता है और बस अपने कन्धों से अपनी आंखों को पोंछ भर लेता हूँ | मैं यह नहीं … Continue reading कोई लौटा दे…

वो पहली बार…

आज पहली बार ब्लॉगिंग में अपने हाथ आजमा रहा हूँ..काफ़ी लोगों के ब्लॉग्स पढ़े..काफ़ी अच्छा लगा..मुझे नहीं पता की मैं आगे क्या और कब ब्लॉग करूँगा...दरअसल बिट्स में कुछ भी स्थाई नहीं है..बोले तो कुछ भी fix नहीं है...tests कभी भी..programs कभी भी...matches कभी भी...classes कभी भी..मैंने कई बार अपने काम के लिए प्लानिंग की … Continue reading वो पहली बार…