एक अकेले जूते की कहानी, कविता की जुबानी।
अकेला जूता
एक अकेले जूते की कहानी, कविता की जुबानी।
"यात्रा - स्वयं को ढूँढने की" स्वर - पेटीवादक कहानी - पेटीवादक/पियूष नागपाल गिटार - यश शर्मा/पियूष नागपाल "YATRA - A JOURNEY OF SELF DISCOVERY" Story: Petivaadak & Piyush Nagpal Vocals: Petivaadak Guitar: Piyush Nagpal & Yash Shharma
उसकी उन्मुक्त खिलखिलाहट सुन, मैं खुद से प्रसन्न हो उठाउसके अधरों पर हँसलाली देख, मैं खुद होठों को मोड़ उठाउसकी ज़िन्दादिल बातें सुन, मैं दुःख को छोड़ एक होड़ उठाउसकी आज़ाद गीतों को सुन, मैं खुद को खुद में खो उठाजब देखा उसे ‘न देख पाने’ की कमी को पटखनी देतेमैं खुद को सवालों से … Continue reading विकलांग कौन?
मुंबई शहर पर एक बाहरी व्यक्ति की सोच, एक कविता के रूप में..
कल ही की तो बात थी जब अपने कॉलेज के एक छोटे से कमरे में बैठे, गरमाती लू के चक्कर में किंवाड़ को खुला रखे, अध्-टूटी खिड़कियों से सरसराती गर्म-ठंडी हवा, खट-खट कर चलते पंखे और अपनी पूरी लौ के साथ जलते उस ट्यूबलाइट के तले ये सफ़र शुरू हुआ था।
आपका ब्लॉग कई वर्ष पहले पढ़ता था किन्तु फिर छूट गया। पुनः पढ़ना शुरू कर रहा हूँ। मुख्यतः आपके लेखों से अपने शब्दकोष को बढ़ाने का प्रयास रहेगा और दूसरा आपके गहन विचारों को समझने का। आभार
"अरे भूकंप आया, भूकंप आया, भागो भागो, जान बचाओ" बस इतना सुनना था कि कमरे में बैठे दसों लोग हाथ उठाकर भागे पर जैसे ही आँगन में आये तो समझ आया कि बगल वाले अवैध घर को गिराने के लिए क्रेन कार्य पर लगा हुआ है और यही कारण है कि थोड़ा इनका घर भी … Continue reading बवाली लोग
हिन्दी की गिरती गुणवत्ता पर कुछ निजी विचार (उदाहरणों के साथ)
हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य पर सरकार ने जो बड़े-बड़े परदे छपवाए थे, उनमें भी अंक सारे अंग्रेजी में ही थे। कैसी विडम्बना है कि हिन्दी दिवस मनाते वक़्त भी वो अंग्रेजी अंकों (और शब्दों) का प्रयोग कर रहे थे।
BITSians' Day is back, and back are those hazy memories which do not get place in our chitchats whenever I meet my BITSian friend(s) because many more prominent memories take up the lions share and surprisingly push back these long gone memories back, even further. Few days ago, I was just remembering the days when … Continue reading BITS Trunk – यादों का पिटारा